राहुल गांधी की शपथ और रेवंत रेड्डी के बयानों का जिक्र, कांग्रेस पर बरसे सुधांशु त्रिवेदी

HIGHLIGHTS
- भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
- उन्होंने राहुल गांधी के 2014 और 2024 में शपथ लेने का जिक्र किया।
- राहुल गांधी ने जून 2024 में 18वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली थी।
नई दिल्ली। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के 2014 और 2024 में सांसद पद की शपथ लेने के तरीके का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि 2014 के चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने भगवान के नाम पर शपथ ली थी, जबकि 2024 में उन्होंने अंग्रेजी में 'सत्यनिष्ठा से पुष्टि करना' कहते हुए शपथ ली। हालांकि, संविधान की तीसरी अनुसूची में सांसदों के लिए 'ईश्वर के नाम पर शपथ' और 'गंभीरता से प्रतिज्ञान' दोनों विकल्प दिए गए हैं।
राहुल गांधी की 2024 की शपथ का जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी द्वारा 2024 में ली गई शपथ को लेकर सवाल उठाया। राहुल गांधी ने जून 2024 में 18वीं लोकसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ली थी और उस समय शपथ का वीडियो भी साझा किया था।
संविधान की तीसरी अनुसूची के तहत सांसदों को शपथ लेने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं। कोई सदस्य भगवान के नाम पर शपथ ले सकता है या 'solemnly affirm' यानी प्रतिज्ञान कर सकता है। ऐसे में केवल इस विकल्प का इस्तेमाल अपने आप में संवैधानिक उल्लंघन नहीं माना जा सकता।
जुबली हिल्स उपचुनाव के बयान का भी जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के जुबली हिल्स उपचुनाव के प्रचार के दौरान दिए गए बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस और मुस्लिम समुदाय के बीच राजनीतिक संबंधों को लेकर रेवंत रेड्डी की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
नवंबर 2025 में जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान रेवंत रेड्डी के 'कांग्रेस मतलब मुसलमान और मुसलमान मतलब कांग्रेस' वाले बयान को लेकर राजनीतिक विवाद हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने मुस्लिम समुदाय को तेलंगाना सरकार और कांग्रेस की ताकत से जोड़ते हुए यह टिप्पणी की थी।
उत्तर और दक्षिण भारत के मुद्दे पर भी निशाना
भाजपा नेता ने उत्तर और दक्षिण भारत के बीच कथित राजनीतिक और आर्थिक विभाजन को लेकर कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का भी हवाला दिया। उन्होंने डीके सुरेश और पी. चिदंबरम के बयानों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर देश को क्षेत्रीय आधार पर बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
फरवरी 2024 में कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने दक्षिणी राज्यों से मिलने वाले करों और उनके हिस्से के वितरण को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि अगर यह 'अन्याय' जारी रहा तो दक्षिण भारत में अलग देश की मांग उठ सकती है। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनका उद्देश्य कर वितरण में कथित असमानता की ओर ध्यान दिलाना था।
वहीं, पी. चिदंबरम ने मार्च 2024 के एक लेख में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी का जिक्र किया था। उन्होंने इसे क्षेत्रीय दलों, भाषा और केंद्र-राज्य संबंधों से जोड़ा था।
'आर्य और द्रविड़' टिप्पणी का भी उल्लेख
सुधांशु त्रिवेदी ने रेवंत रेड्डी के कथित 'आर्य और द्रविड़' संदर्भ का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इस तरह के बयानों से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन की धारणा को बढ़ावा मिलता है।
हालिया राजनीतिक बहस में रेवंत रेड्डी की उत्तर-दक्षिण और धार्मिक प्रतीकों से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले हैं।
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