रेलवे भर्ती परीक्षा में एआई कैमरों का कमाल, तीन दिन में 7 मुन्नाभाई पकड़े, 2 फरार

HIGHLIGHTS
- शारीरिक दक्षता परीक्षा 22 से 28 सितंबर तक आयोजित हो रही है।
- परीक्षा में 35 किलो वजन उठाने की प्रक्रिया शामिल है।
- अभ्यर्थियों को 100 मीटर और 1000 मीटर की दौड़ कराई जा रही है।
अंबाला। रेलवे भर्ती परीक्षा में पहली बार एआई कैमरों की मदद से फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। उत्तर रेलवे के अंबाला छावनी स्थित रेलवे स्टेडियम में चल रही शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान तीन दिनों में सात मुन्नाभाई पकड़े गए, जबकि दो मौके से फरार हो गए। सभी दूसरे अभ्यर्थियों के नाम पर दौड़ में शामिल हुए थे। लगातार तीन दिनों में तीन मामले सामने आने के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है, जबकि पांच अन्य के मामलों की जांच जारी है। परीक्षा का आयोजन रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ यानी आरआरसी की ओर से किया जा रहा है।
एआई कैमरे और बायोमीट्रिक से खुला फर्जीवाड़ा
मंडल कार्यालय अंबाला छावनी के अधिकारियों के मुताबिक, रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ की ओर से 22 से 28 सितंबर 2026 तक शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसमें 35 किलोग्राम वजन उठाकर 100 मीटर और 1000 मीटर की दौड़ कराई जा रही है। परीक्षा की निगरानी कर रही निजी एजेंसी के एआई कैमरों के डेटा और बायोमीट्रिक मिलान के दौरान 24 सितंबर को फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
पहले मामले में राजस्थान के अलवर के पास रूपबास गांव का रहने वाला गिरराज मीना अंबाला में परीक्षा देने पहुंचा था। जांच में पता चला कि वह इससे पहले 5 सितंबर 2026 को नागपुर में राहुल मीना नाम के अभ्यर्थी के स्थान पर शारीरिक दक्षता परीक्षा दे चुका था। पूछताछ में गिरराज ने बताया कि राहुल मीना उसकी बुआ का बेटा है।
इसी तरह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के शाहपुर गांव निवासी संदीप कुमार यादव भी एआई जांच में पकड़ लिया गया। रिकॉर्ड की जांच करने पर सामने आया कि उसने 6 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के रतलाम में अपने रिश्तेदार अभिषेक की जगह परीक्षा दी थी।
इसके अलावा बुधवार को हुई जांच में पता चला कि 22 सितंबर को हिसार की जाखल रेलवे कॉलोनी निवासी सतीश अपने दोस्त दीपक की जगह परीक्षा में शामिल हुआ था। इसके बाद वह 23 सितंबर को खुद अपनी परीक्षा देने पहुंचा, जहां फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इस दौरान सतीश मौके से फरार हो गया।
तीन संदिग्ध और पकड़े गए
शुक्रवार को भर्ती परीक्षा के दौरान तीन और युवकों को संदिग्ध हालत में पकड़ा गया। ये तीनों भी एआई कैमरे की जांच में सामने आए। जानकारी के अनुसार, तीनों संदिग्ध किसी अन्य अभ्यर्थी की जगह शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। हालांकि, शुरुआती स्तर पर रेलवे अपने स्तर से मामले की जांच कर रहा है। इस संबंध में जल्द ही तीसरी शिकायत पुलिस को दी जाएगी।
रेलवे प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक अंबाला की ओर से गठित तीन वरिष्ठ अधिकारियों की समिति सक्रिय हो गई। सेंटर इंचार्ज और वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी के निर्देश पर समिति के सदस्य सहायक कार्मिक अधिकारी सुरेश कुमार ने पड़ाव थाना अधिकारी को लिखित शिकायत दी। इसमें सख्त धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीक के साथ एआई कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
छल, प्रतिरूपण और धोखाधड़ी में दो पर केस
उत्तर रेलवे के सहायक कार्मिक अधिकारी सुरेश कुमार की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस ने छल/प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी की धारा 319(2) और 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। थाना प्रभारी प्रवीण आर्य ने बताया कि सतीश 22 सितंबर को अभ्यर्थी दीपक की जगह परीक्षा में शामिल हुआ था। 23 सितंबर को वह दोबारा सतीश कुमार के नाम पर दौड़ लगाने पहुंचा।
रेलवे से दोनों अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड मांगा गया है, ताकि दोनों को पकड़ा जा सके। वहीं, दूसरे मामलों का घटनास्थल रतलाम होने के कारण डीडीआर काटकर रतलाम भेजी जा रही है।
ऐसे पकड़ता है एआई कैमरा
सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भर्ती बोर्ड अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक से लैस कैमरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये कैमरे बायोमीट्रिक सिस्टम से जुड़े होते हैं और फर्जीवाड़े की पहचान में मदद करते हैं।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय एआई कैमरा अभ्यर्थी के चेहरे को स्कैन करता है। इसके बाद चेहरे का मिलान आधार डेटा और आवेदन पत्र पर लगी तस्वीर से किया जाता है। चेहरे के नैन-नक्श में अंतर मिलने पर सिस्टम तुरंत रेड सिग्नल दे देता है।
अधिकारी के अनुसार
अंबाला मंडल के रेलवे स्टेडियम में ग्रुप डी के तहत आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में पहली बार एआई कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी मदद से फर्जीवाड़े के कुछ मामले सामने आए हैं। इन मामलों को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।
- विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला
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